Skip to product information
1 of 1

So Ja Ulloo

So Ja Ulloo

सो जा उल्‍लू
Publisher: Eklavya
Illustrator: Bhuri Bai
ISBN: 978-93-81337-62-2
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 32
Regular price $8.00 USD
Regular price Sale price $8.00 USD
Sale Sold out
Quantity
उल्लू सोने की कोशिश कर रहा है, पर जंगल के जानवर आवाज़ें निकाल-निकालकर उसे सोने नहीं दे रहे हैं। अब उल्लू कैसे सोए?


View full details
  • 5 stars: 2 (100%)
  • 4 stars: 0 (0%)
  • 3 stars: 0 (0%)
  • 2 stars: 0 (0%)
  • 1 star: 0 (0%)
K
Kumud Wadhwani
Book review

बहुत ही सुंदर चित्रण एक छोटी सी कहानी का , गोंड चित्रकारी बहुत ही लाजवाब है ।

S
Simran uikey
उल्लू जंगल की आवाजों में कैसे सोएगा।

उल्लू सोने की कोशिश कर रहा है लेकिन जंगल की आवाजों में वह कैसे सोएगा। कभी मधुमक्खियां भिन भिन कर रही है।साथ ही कठफोड़वा खट्ट खट्ट कर रहा है। जंगल के सारे जानवर अपनी अपनी भाषा में अपनी आवाज निकाल रहे हैं इन आवाजों में उल्लू कैसे सोएगा।

  • 5 stars: 2 (100%)
  • 4 stars: 0 (0%)
  • 3 stars: 0 (0%)
  • 2 stars: 0 (0%)
  • 1 star: 0 (0%)
K
Kumud Wadhwani
Book review

बहुत ही सुंदर चित्रण एक छोटी सी कहानी का , गोंड चित्रकारी बहुत ही लाजवाब है ।

S
Simran uikey
उल्लू जंगल की आवाजों में कैसे सोएगा।

उल्लू सोने की कोशिश कर रहा है लेकिन जंगल की आवाजों में वह कैसे सोएगा। कभी मधुमक्खियां भिन भिन कर रही है।साथ ही कठफोड़वा खट्ट खट्ट कर रहा है। जंगल के सारे जानवर अपनी अपनी भाषा में अपनी आवाज निकाल रहे हैं इन आवाजों में उल्लू कैसे सोएगा।