Rusi Aur Pussy
Rusi Aur Pussy
Publisher: Eklavya
Author: V. Suteyev
Illustrator: V. Suteyev
ISBN: 978-81-89976-91-0
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 12
Published: 0000-00-00
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रूसी ने एक चित्र बनाया। वह था उसकी दोस्त पूसी के लिए घर। घर में क्या-क्या चाहिए यह सब पूसी बताती जाती है। सब कुछ बनता जाता है। मगर आखिर में पूसी नाराज़ क्यों?

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रूसी और पूसी
रूसी और पूसी में गाढ़ी दोस्ती थी। एक सुबह रूसी अपने दोस्त पूसी के लिए घर बना रही थी। रूसी ने पूसी के घर पर सारा कुछ बना डाला जो जो पूसी कुर्सी ने छोर पर बैठ कर बोलती रही। वाह रूसी डबरा भी बनाया हैं। जिसमे तीन मछलियां तैर रही हैं ये हुई ना बात। पर घर की रखवाली कौन करेगा? रूसी से फट से बनाया एक कुत्ता पूसी ने जब सुना। पूसी तमककर खड़ी हो गई। और बोली मुझे तुम्हारा घर बिल्कुल भी अच्छा नही लगा। मुझे नही रहना। और वहाँ से रूढ़ कर चली गई। अब पूसी को कैसे मनाये?
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रूसी और पूसी
रूसी और पूसी में गाढ़ी दोस्ती थी। एक सुबह रूसी अपने दोस्त पूसी के लिए घर बना रही थी। रूसी ने पूसी के घर पर सारा कुछ बना डाला जो जो पूसी कुर्सी ने छोर पर बैठ कर बोलती रही। वाह रूसी डबरा भी बनाया हैं। जिसमे तीन मछलियां तैर रही हैं ये हुई ना बात। पर घर की रखवाली कौन करेगा? रूसी से फट से बनाया एक कुत्ता पूसी ने जब सुना। पूसी तमककर खड़ी हो गई। और बोली मुझे तुम्हारा घर बिल्कुल भी अच्छा नही लगा। मुझे नही रहना। और वहाँ से रूढ़ कर चली गई। अब पूसी को कैसे मनाये?