Skip to product information
1 of 1

Rusi Aur Pussy

Rusi Aur Pussy

रूसी और पूसी
Publisher: Eklavya
Author: V. Suteyev
Illustrator: V. Suteyev
ISBN: 978-81-89976-91-0
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 12
Published: 0000-00-00
Regular price $4.00 USD
Regular price Sale price $4.00 USD
Sale Sold out
Quantity

रूसी ने एक चित्र बनाया। वह था उसकी दोस्त पूसी के लिए घर। घर में क्या-क्या चाहिए यह सब पूसी बताती जाती है। सब कुछ बनता जाता है। मगर आखिर में पूसी नाराज़ क्यों?

View full details
  • 5 stars: 1 (100%)
  • 4 stars: 0 (0%)
  • 3 stars: 0 (0%)
  • 2 stars: 0 (0%)
  • 1 star: 0 (0%)
S
Simran uikey
रूसी ने चित्र बनाएं

रूसी और पूसी

रूसी और पूसी में गाढ़ी दोस्ती थी। एक सुबह रूसी अपने दोस्त पूसी के लिए घर बना रही थी। रूसी ने पूसी के घर पर सारा कुछ बना डाला जो जो पूसी कुर्सी ने छोर पर बैठ कर बोलती रही। वाह रूसी डबरा भी बनाया हैं। जिसमे तीन मछलियां तैर रही हैं ये हुई ना बात। पर घर की रखवाली कौन करेगा? रूसी से फट से बनाया एक कुत्ता पूसी ने जब सुना। पूसी तमककर खड़ी हो गई। और बोली मुझे तुम्हारा घर बिल्कुल भी अच्छा नही लगा। मुझे नही रहना। और वहाँ से रूढ़ कर चली गई। अब पूसी को कैसे मनाये?

  • 5 stars: 1 (100%)
  • 4 stars: 0 (0%)
  • 3 stars: 0 (0%)
  • 2 stars: 0 (0%)
  • 1 star: 0 (0%)
S
Simran uikey
रूसी ने चित्र बनाएं

रूसी और पूसी

रूसी और पूसी में गाढ़ी दोस्ती थी। एक सुबह रूसी अपने दोस्त पूसी के लिए घर बना रही थी। रूसी ने पूसी के घर पर सारा कुछ बना डाला जो जो पूसी कुर्सी ने छोर पर बैठ कर बोलती रही। वाह रूसी डबरा भी बनाया हैं। जिसमे तीन मछलियां तैर रही हैं ये हुई ना बात। पर घर की रखवाली कौन करेगा? रूसी से फट से बनाया एक कुत्ता पूसी ने जब सुना। पूसी तमककर खड़ी हो गई। और बोली मुझे तुम्हारा घर बिल्कुल भी अच्छा नही लगा। मुझे नही रहना। और वहाँ से रूढ़ कर चली गई। अब पूसी को कैसे मनाये?