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Chalo Chalen Pakshi Dekhne
Chalo Chalen Pakshi Dekhne
1 review
Publisher: Eklavya
Translator: Vandana Bhoyar, Ashok Rokde
Illustrator: Shrddha Kirkire
ISBN: 978-93-85236-30-3
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 20
Published: 2017.0
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$4.00 USD
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हमारे आसपास के परिवेश मे तरह-तरह के पक्षी होते है। पर रोज़मर्रा की व्यस्तता के कारण हमारा ध्यान उनकी ओर नहीं जाता। हमारी कानो मे पड़ने वाली उनकी आवाज़े भी अनसुनी रह जाती है । यह किताब ऐसे ही पक्षियों से रूबरू होने का एक मौका देती है ।

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Simran uikey चलो चले पक्षी देखने इस कहानी में अलग-अलग पक्षी है। हमारे आसपास कितने पक्षी रहते हैं कभी-कभी हमें उनका नाम नहीं पता होता लेकिन इस कहानी में वह सारे पक्षियों के नाम में जो हमारे आसपास होते हैं इस कहानी को जरूर पढ़िए।
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