Bharat Me Global Warming- Vigyan, Prabhav aur Raajniti
Bharat Me Global Warming- Vigyan, Prabhav aur Raajniti
Publisher: Eklavya
Author: Nagraj Adve / नागरज अड्वे
Translator: Rajendra Singh Negi / राजेंद्र सिंह नेगी
ISBN: 978-93-94552-07-4
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 80
Published: 2022.0
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ग्लोबल वॉर्मिंग हमारे दौर की सबसे बड़ी चुनौती है। दिक्कत यह है कि इस चुनौती का सामना करने के लिए जिस तरह की तैयारी की जानी चाहिए उसका अभाव बना हुआ है। मीडिया और राजनीति में इस मसले पर जो हावी विमर्श है वह अभी भी बुनियादी बदलावों की ज़रूरत से कन्नी काटता नज़र आ रहा है ।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह किताब ग्लोबल वॉर्मिंग की बुनियादी वजहों, इसके वैज्ञानिक आयामों, इसके लिए ज़िम्मेदार कारकों और इस दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा सरल व समझ में आने वाली भाषा में करती है। जलवायु संकट की गम्भीरता को समझते हुए इससे निपटने के लिए ज़रूरी व्यक्तिगत व सामूहिक कार्यवाहियों की ओर ले जाना ही किताब का उद्देश्य है।

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ग्लोबल वार्मिंग जैसी विश्वव्यापी समस्या के ऊपर इस छोटे से किताब में चर्चा की गयी ताकि लोगों को जागरूक करने की दिशा में साथ मिलकर काम किया जा सके । यह किताब इस समस्या से संबंधित सारे पहलुओं को facts के साथ रखती है।
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ग्लोबल वार्मिंग जैसी विश्वव्यापी समस्या के ऊपर इस छोटे से किताब में चर्चा की गयी ताकि लोगों को जागरूक करने की दिशा में साथ मिलकर काम किया जा सके । यह किताब इस समस्या से संबंधित सारे पहलुओं को facts के साथ रखती है।