Achchha Mausi Alvida !
Achchha Mausi Alvida !
Publisher: Eklavya
Author: Prabhat
Illustrator: Sunita
ISBN: 978-93-85236-25-9
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 16
Published: 2017.0
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| भैंस के गोबर में फंसी एक चिड़िया कैसे एक बिल्ली से अपनी जान बचाती है... |

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चिड़िया उड़ते हुए थक गई। उसे एक भैस दिखाई दिया चिड़िया ने बोला थक गई हूं। तुम्हारी पीढ़ पर बैठ जाऊँ। हाँ बैठ जाओ पर मेरे पीढ़ पर बिट मत करना पर चिड़िया ने बैठ ते ही कर दिया। भैस ने उसे अपने पूछ से नीचे फेंक और उसके ऊपर गोबर फेक दिया। इतने में बिल्ली मौसी आ गई। चिड़िया एक दम डर गई। और बोलने लगी मुझे से गोबर निकालो और धूप में सुखाओ फिर मुझे खाना। फिर क्या धूप में सूखते ही चिड़िया ने बिल्ली को। अलविदा मौसी कह कर फुर हो गई।
माड़ भाषा में लिखी गयी एक लोककथा और सुंदर भित्ति चित्रों से सजी ये किताब एक चिड़िया के सूझबूझ की कहानी कहती है।
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चिड़िया उड़ते हुए थक गई। उसे एक भैस दिखाई दिया चिड़िया ने बोला थक गई हूं। तुम्हारी पीढ़ पर बैठ जाऊँ। हाँ बैठ जाओ पर मेरे पीढ़ पर बिट मत करना पर चिड़िया ने बैठ ते ही कर दिया। भैस ने उसे अपने पूछ से नीचे फेंक और उसके ऊपर गोबर फेक दिया। इतने में बिल्ली मौसी आ गई। चिड़िया एक दम डर गई। और बोलने लगी मुझे से गोबर निकालो और धूप में सुखाओ फिर मुझे खाना। फिर क्या धूप में सूखते ही चिड़िया ने बिल्ली को। अलविदा मौसी कह कर फुर हो गई।
माड़ भाषा में लिखी गयी एक लोककथा और सुंदर भित्ति चित्रों से सजी ये किताब एक चिड़िया के सूझबूझ की कहानी कहती है।