{"product_id":"sab-mazedari-hai-katha-neelgarh","title":"Sab Mazedari Hai!: Katha Neelgarh","description":"\u003cp\u003e\u003cbr\u003eमहानगर से जंगल में बसे गाँव आया एक युवक अरसे बाद देखता है धरती अम्बर को मिलते। पाता है टीकाकरण, राशन, पेंशन, स्कूल, सबको नदारद उस गाँव से। देखता है चौतरफा अन्याय और मानवीय गरिमा के अभाव को चुपचाप लोगों को सहते। \"कैसे हैं?\" के जवाब में इस सब के बावजूद, सुनता है - \"सब मजेदारी है\"।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eसब छोड़, बच्चों को पढ़ाने आ जाता है नीलगढ़। खोलता है एक 'अ-स्कूल सा स्कूल, जहाँ गलतियों के लिए जगह और बच्चों का सम्मान होना भर तय है। बच्चे बताते हैं उसे जंगल, फसलों, ऋतुओं, और हाँ, गाँव के हर परिवार के बारे में। इन्हीं में से पढ़ाई के सूत्र निकलते जाते हैं बच्चों और हाँ गुरुजी के लिए भी! सोचता है - छोटे-छोटे कदम दूर तक ले जाते हैं....\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eइस किताब में जीवन के जंगल के बीच से राह बनाती कुछ पगडण्डियाँ हैं जिस पर हर युवा बल्कि हम सब चलना चाहेंगे\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45218938814517,"sku":"9789391132804","price":20.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0713\/0031\/7237\/files\/Untitled_design_-_2025-08-14T153559.329.png?v=1778737833","url":"https:\/\/eklavyapitara.com\/products\/sab-mazedari-hai-katha-neelgarh","provider":"Eklavya PitaraKART","version":"1.0","type":"link"}