{"product_id":"reva","title":"REVA","description":"\u003cp\u003eरेवा और पलाश जब कभी मिलते, पलाश के जीवन की कुछ खुशी रेवा के चेहरे पर और रेवा की उदासी की कुछ छाया पलाश के चेहरे पर आ जाती। दोनों एक-दूसरे का चेहरा पढ़ते लेकिन इस पढ़ाई की कभी कोई बात नहीं करते, कुछ और ही कहते... सुनते...\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरेवा कहती, \"पलाश तुम्हारा नाम प्लास होना चाहिए क्योंकि पलाश के फूल तो कितने सुन्दर होते हैं... और तुम, अपनी शक्ल तो देखो कभी आईने में।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"आओ, देखते हैं।” पलाश कहता और झट आईना उठाकर हाथ में ले लेता।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eफिर दोनों सिर जोड़कर आईने में एक-दूसरे को देखते।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan style=\"color: rgb(0, 170, 255);\"\u003eतो कुछ ऐसी है रेवा और पलाश की दोस्ती... जिसमें गुस्सा, प्यार, तकरार, रूठना-मनाना, दर्द, तकलीफ बहुत ही बारीकी से आपस में गुथे हुए हैं!\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45219198435381,"sku":null,"price":6.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0713\/0031\/7237\/files\/Untitleddesign_1.png?v=1778740480","url":"https:\/\/eklavyapitara.com\/products\/reva","provider":"Eklavya PitaraKART","version":"1.0","type":"link"}