{"product_id":"naach","title":"Naach","description":"\u003cp\u003eनाच अद्भुत संवेदनशीलता के साथ रची और बुनी गई कहानी है। लेखक ने कमाल लिखा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eराजेन्द्र गुप्ता मशहूर अभिनेता व निर्देशक\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"नाच बनना है तुमको... नाच। ये नचनिया-वचनिया बनने का विचार छोड़ दो, नहीं तो हमारे घर से निकल जाओ।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"ये लड़की-वड़की बनके खेला करना कौनो अच्छी बात है क्या? हमारी कसम खाकर कहो कि आज के बाद ये लड़की-वड़की नहीं बनोगे? नचनिया कभी नहीं बनोगे।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसरोज की बहुत-सी बातें जाहिर नहीं थीं। वह अपने हमउम्र साथियो से ज्यादा संवेदनशील था। उसकी सोच, उसकी चाहते, उसकी इच्छाएँ... सबकुछ एक अनकहा साज था। पर अफसोस कि उस साज को कभी कोई समझ नहीं पाया ना माँ की ममता, ना पिता की खामोशी और ना ही अलगाव करने वाला समाज।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह किताब एक सफर है सरोज का। खुद को ढूँढते हुए सरोज एक ऐसी दुनिया की तलाश में हैं, जहाँ उनके लिए और उनके जैसे तमाम लोगों के लिए प्यार व अपनापन हो।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआइए, इस सफर में हमकदम बनिए..\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan style=\"color: rgb(0, 170, 255);\"\u003e\u003cstrong\u003eसमीक्षा पढ़ने के लिए इस \u003ca href=\"https:\/\/bolebharat.in\/book-review-of-navneet-niravs-nach-a-maze-of-art-caste-and-identity\/\" style=\"color: rgb(0, 170, 255);\"\u003eलिंक \u003c\/a\u003eपर जाये !\u003c\/strong\u003e\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45219201941557,"sku":"9789348173165","price":4.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0713\/0031\/7237\/files\/Paperback_24_1e04bebd-0c0e-40e9-aa29-ec889849ee98.png?v=1778740772","url":"https:\/\/eklavyapitara.com\/products\/naach","provider":"Eklavya PitaraKART","version":"1.0","type":"link"}