{"product_id":"kudrat-ke-sach-aur-samaj","title":"Kudrat Ke Sach Aur Samaj- Kuchh Bikhare Hua Sawal","description":"\u003cp\u003eविज्ञान के क्या मायने हैं? क्या मायने हैं वैज्ञानिक प्रवृत्ति के ? कुदरत, कुदरती हम, हम से समाज, मूल्य, मान्यताएँ, प्रेम - विज्ञान इनसे अछूता तो नहीं? लाल्टू के सवाल बिखरे हैं, कुदरत के सच की ही तरह, मगर इस बिखराव में चिन्ताएँ हैं हकीकत और विज्ञान के सामाजिक भविष्य की। 2022 के 'होविशिका व्याख्यान माला' में दिया गया यह व्याख्यान, देखें किस मीमांसा तक ले जाता है...\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह किताब होविशिका के 50 साल और एकलव्य के 40 साल पूरे होने के मौके पर ज्ञान-विज्ञान के अलग- अलग क्षेत्रों से जुड़ी किताबों की श्रृंखला में एक कड़ी के रूप में प्रकाशित की जा रही है।\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45219192897589,"sku":"9788119771882","price":2.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0713\/0031\/7237\/files\/Paperback_55_da5dd6cc-d519-4e0a-a476-dc194e34f975.png?v=1778740063","url":"https:\/\/eklavyapitara.com\/products\/kudrat-ke-sach-aur-samaj","provider":"Eklavya PitaraKART","version":"1.0","type":"link"}