{"product_id":"idgah","title":"Idgah","description":"हामिद की अम्मीजान अल्लाह मियाँ के घर से उसके लिए बड़ी अच्छी-अच्छी चीजें लाने गई हैं। अब्बाजान भी रुपए कमाने गए हैं। कभी न कभी तो दोनों आएँगे ही, हामिद को पक्का यकीन है। लेकिन अभी तो दादी अमीना ही उसकी सबकुछ हैं।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eईद का त्यौहार है। महमूद, मोहसिन, नूरे, सम्मी सभी मेला जा रहे हैं, हामिद को भी जाना है। उसके ये दोस्त तो मेले में खूब मज़ा करने वाले हैं - हिण्डोले पर झूलेंगे, चर्सी पर घूमेंगे, तरह-तरह के खिलौने खरीदेंगे, खूब मिठाइयाँ खाएँगे। उनके पास पैसे जो हैं, किसी के पास बारह तो किसी के पास पन्द्रह। हामिद के पास सिर्फ तीन पैसे हैं। वह क्या करने वाला है मेले में?\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eबालसुलभ चंचलता और बाल मनोविज्ञान के साथ ही समाज में व्याप्त विषमता के पहलुओं को अपने भीतर समेटे यह कहानी दिखाती है कि परिस्थितियों की चोट किस प्रकार बच्चों को छोटी-सी उम्र में ही बड़ा बना देती है।","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45219136503861,"sku":"9789391132620","price":6.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0713\/0031\/7237\/files\/Untitled_design_-_2025-08-07T164142.935.png?v=1778739053","url":"https:\/\/eklavyapitara.com\/products\/idgah","provider":"Eklavya PitaraKART","version":"1.0","type":"link"}