{"product_id":"din-bhar-kya-kiya","title":"Din Bhar Kya Kiya?","description":"\u003cp\u003eलाल्टू की कविताओं का यह संकलन मुख्य रूप से किशोरों व नव-साक्षरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। संकलित कविताओं की विषयवस्तु में काफी विविधता है ताकि युवा पाठक लाल्टू के रचना संसार के विस्तार का आस्वाद ले सकें। साथ में युवा कलाकार तविशा सिंह के रेखाचित्र हैं। कविता और चित्र मिलकर अनुभवों का एक नया संसार रचते हैं। इन कविताओं और चित्रों से गुज़रते हुए पाठक की कल्पनाशीलता इसमें न जाने और कितने रंग भरे, कितने नए संसारों की रचना करें!\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसलिए लिखते रहना है, पल-पल अल्फाज़ का सैलाब लाना है हटाए, धकेल दिए गए पल की जगह फिर से लानी है\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक और पल की नई तस्वीर\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eफिर से धकेले जाने को तैयार खड़ा सच।\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45219192700981,"sku":"978-81-19771-90-5","price":8.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0713\/0031\/7237\/files\/Paperback_65.png?v=1778740018","url":"https:\/\/eklavyapitara.com\/products\/din-bhar-kya-kiya","provider":"Eklavya PitaraKART","version":"1.0","type":"link"}